राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर भ्रष्टाचार के आरोप: विपक्ष ने प्रधानमंत्री को लिखा संयुक्त पत्र, स्वतंत्र जांच की मांग
एमजी न्यूज़ समाचार : नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र लिखकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र एवं व्यापक जांच कराने की मांग की है। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि ट्रस्ट में हजारों करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले से देशभर के श्रद्धालुओं का विश्वास आहत हुआ है और मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
18 जुलाई 2026 को लिखे गए इस पत्र में दोनों नेताओं ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद किया गया था, जिसकी घोषणा स्वयं प्रधानमंत्री ने संसद में की थी। पत्र में आरोप लगाया गया है कि ट्रस्ट के सदस्यों की नियुक्ति सरकार द्वारा की गई तथा उनका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और उनसे जुड़े संगठनों से रहा है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ट्रस्ट के पूर्व महासचिव को लेकर पहले भी गंभीर आरोप सामने आए थे। विपक्षी नेताओं ने कहा कि ऐसे गंभीर आरोपों के बावजूद सरकार की चुप्पी चिंताजनक है और इससे श्रद्धालुओं के विश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
स्वतंत्र जांच और पारदर्शिता की मांग
पत्र में प्रधानमंत्री से आग्रह किया गया है कि ट्रस्ट के सभी वित्तीय लेन-देन, नकद दान, सोना, चांदी एवं अन्य चढ़ावे की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए। साथ ही जांच रिपोर्ट और ट्रस्ट के खातों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि देशभर के श्रद्धालु यह जान सकें कि उनके द्वारा दिए गए दान का उपयोग किस प्रकार किया गया।
विपक्ष ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके पद, प्रभाव या राजनीतिक संबंधों की परवाह किए बिना उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।
सरकार की विश्वसनीयता पर उठाए सवाल
संयुक्त पत्र में कहा गया है कि सरकार और ट्रस्ट की विश्वसनीयता इस बात पर निर्भर करेगी कि इस मामले में कितनी पारदर्शिता और तत्परता से कार्रवाई की जाती है। नेताओं ने लिखा कि पूरा देश इस मामले पर नजर बनाए हुए है और श्रद्धालुओं के विश्वास को बनाए रखने के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
पत्र के अंत में प्रधानमंत्री से शीघ्र कार्रवाई की अपील करते हुए कहा गया है कि न्याय और पारदर्शिता स्थापित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
पत्र की प्रमुख मांगें
ट्रस्ट के वित्तीय मामलों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच।
नकद, सोना, चांदी सहित सभी चढ़ावे का ऑडिट।
जांच रिपोर्ट एवं ट्रस्ट के खातों को सार्वजनिक किया जाए।
दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई।
श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा के लिए जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
नोट:
यह समाचार विपक्षी नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र में लगाए गए आरोपों और की गई मांगों पर आधारित है। पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर समाचार को अद्यतन किया जाएगा।

