यूपी बीज विकास निगम के नियमित कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2026 से मिलेगा सातवें वेतनमान का लाभ, शासन ने जारी किया आदेश
एमजी न्यूज़ नेटवर्क : लखनऊ, 13 अगस्त 2026 : उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के नियमित कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश शासन ने निगम के नियमित कार्मिकों को सातवें वेतनमान का लाभ 1 अप्रैल 2026 से प्रदान किए जाने की स्वीकृति दे दी है। इस संबंध में कृषि अनुभाग-2, उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 11 अगस्त 2026 को शासनादेश जारी किया गया है।
जारी शासनादेश संख्या 47/2026/424/2026/1828514/12-2099/125/2024 में कहा गया है कि राज्यपाल ने उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के नियमित कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2026 से सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने की स्वीकृति कुछ निर्धारित शर्तों के अधीन प्रदान की है।
निगम की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय
शासनादेश के अनुसार सातवें वेतनमान का लाभ दिए जाने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम वेतनमान पुनरीक्षण से उत्पन्न होने वाले अतिरिक्त व्ययभार को स्वयं वहन करने की स्थिति में है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुनरीक्षित वेतन संरचना लागू किए जाने से उत्पन्न अतिरिक्त वित्तीय भार निगम को अपने स्वयं के स्रोतों से वहन करना होगा। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से कोई शासकीय अनुदान देय नहीं होगा।
तीन वर्ष पुराने लेखों का ऑडिट और एजीएम की स्वीकृति जरूरी
शासन ने सातवें वेतनमान के लाभ के लिए यह भी शर्त रखी है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 से तीन वर्ष पूर्व तक के निगम के लेखे महालेखाकार द्वारा ऑडिटेड होने चाहिए और उन्हें निगम की एजीएम द्वारा स्वीकार किया गया होना चाहिए।
इसके साथ ही सातवें वेतनमान के पुनरीक्षण के संबंध में सार्वजनिक उद्यम अनुभाग-1 के 3 जनवरी 2017 के शासनादेश में निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबंधों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
1 अप्रैल 2026 से पहले के एरियर पर महत्वपूर्ण शर्त
शासनादेश में कर्मचारियों के एरियर को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। आदेश के अनुसार 1 अप्रैल 2026 से पहले की अवधि के एरियर की मांग नहीं की जाएगी। वहीं 1 अप्रैल 2026 से लागू सातवें वेतनमान के संबंध में एरियर के भुगतान को लेकर एक अलग और सुविचारित प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराया जाएगा।
इसका अर्थ है कि सातवें वेतनमान का लाभ 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना गया है, लेकिन उससे पहले की अवधि के वेतन अंतर के भुगतान का कोई दावा इस आदेश के आधार पर नहीं किया जा सकेगा।
महंगाई भत्ते का निर्धारण भी निर्धारित व्यवस्था के अनुसार
शासनादेश में महंगाई भत्ते के निर्धारण को लेकर भी व्यवस्था स्पष्ट की गई है। निगम के नियमित कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते का निर्धारण सार्वजनिक उद्यम अनुभाग-1 के 11 सितंबर 2009 के शासनादेश में उल्लिखित व्यवस्था के अनुसार किया जाएगा।
वित्त विभाग की सहमति के बाद जारी हुआ शासनादेश
उत्तर प्रदेश शासन द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह शासनादेश वित्त विभाग की अशासकीय संख्या E-1-104-X-2026-27 दिनांक 29 जुलाई 2026 द्वारा प्रदान की गई सहमति के आधार पर जारी किया गया है। आदेश कृषि अनुभाग-2 की ओर से 11 अगस्त 2026 को जारी किया गया है और इसे उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के प्रबंध निदेशक को भेजा गया है। इसकी प्रतिलिपि प्रमुख सचिव, सार्वजनिक उद्यम विभाग, महालेखाकार तथा संबंधित वित्त विभागों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
अब आगे क्या होगा?
शासनादेश जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम को आदेश में निर्धारित शर्तों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। निगम को अपनी वित्तीय क्षमता सुनिश्चित करने के साथ-साथ संबंधित लेखा, एजीएम स्वीकृति और पूर्व में जारी शासनादेशों की शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।इसके बाद सातवें वेतनमान के अनुसार कर्मचारियों के वेतन का पुनरीक्षण किया जाएगा। हालांकि आदेश में यह स्पष्ट है कि पुनरीक्षित वेतनमान से उत्पन्न अतिरिक्त व्ययभार निगम को अपने संसाधनों से ही वहन करना होगा और राज्य सरकार से इसके लिए कोई अनुदान देय नहीं होगा।
कर्मचारियों के लिए क्या मायने रखता है?
इस शासनादेश से उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम के नियमित कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के अनुसार संशोधित वेतन संरचना का लाभ मिलने का रास्ता साफ हुआ है।इसका प्रभाव कर्मचारियों के वेतन एवं उससे संबद्ध देयकों पर पड़ेगा। हालांकि वास्तविक वेतन वृद्धि कितनी होगी, यह संबंधित कर्मचारी के पद, वर्तमान वेतन और लागू वेतन संरचना के अनुसार निर्धारित की जाएगी।
एमजी न्यूज़ की अपील: कर्मचारियों को वेतन पुनरीक्षण और एरियर के वास्तविक भुगतान की स्थिति के लिए निगम द्वारा जारी होने वाले आगामी आदेश/कार्यालयी निर्देशों पर भी नजर रखनी चाहिए।
