कोका-कोला की निर्माण और विपणन से जुड़ी कंपनी के दो पूर्व प्रबंधकों पर ₹86.94 लाख के कथित गबन का आरोप, कंपनी की शिकायत पर एफआईआर दर्ज |
एमजी न्यूज़ समाचार : आगरा/मथुरा: विश्व की अग्रणी पेय पदार्थ कंपनियों में शामिल कोका-कोला के निर्माण और विपणन से जुड़ी कंपनी वृंदावन एग्रो इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड एवं इसकी एक सहयोगी फर्म एसएलएमजी बेवरेजेस प्राईबेट लिमिटेड की तरफ से कम्पनी के विधि प्रबंधक देवेश कपूर की शिकायत पर आगरा पुलिस ने कम्पनी के कुछ पूर्व कर्मचारियों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि नौकरी के दौरान प्राप्त गोपनीय व्यावसायिक जानकारी, वितरण प्रणाली और व्यापारिक नेटवर्क का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए कंपनी के हितों के विरुद्ध गतिविधियां संचालित की गईं, जिससे कंपनी को भारी आर्थिक क्षति हुई।
एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता का आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों ने सेवा अवधि के दौरान प्राप्त तकनीकी एवं व्यावसायिक सूचनाओं का उपयोग कर समान व्यापारिक गतिविधियां प्रारंभ कीं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि कथित रूप से दूसरे राज्यों से खरीदे गए कम्पनी के उत्पादों की आपूर्ति आगरा, मथुरा तथा आसपास के कई जिलों तक की गई, जिससे कंपनी के व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। साथ ही एफआईआर में कंपनी के विधि प्रबंधक द्वारा यह भी बताया गया है कि पूर्व प्रबंधकों द्वारा मथुरा की एक कम्पनी से 39,43, 202 रूपये तथा आगरा की एक कम्पनी से 39,51,609 रूपये लेकर कम्पनी के बैंक कहते में जमा नहीं कराये हैं इस प्रकार कुल 86,94,811 रूपये का गबन भी किया गया है |

जांच के घेरे में कई गोदाम
मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए कई स्थानों पर कार्रवाई की। जांच टीम ने संदिग्ध गोदामों और भंडारण स्थलों का निरीक्षण कर उपलब्ध सामग्री का परीक्षण शुरू कर दिया है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसका विस्तार किन-किन क्षेत्रों तक था।
कंपनी ने जताया भारी आर्थिक नुकसान
शिकायत में कंपनी ने दावा किया है कि कथित गतिविधियों के कारण उसे भारी आर्थिक व्यापारिक नुकसान का सामना करना पड़ा। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि ऐसी गतिविधियां बाजार में उपभोक्ताओं के विश्वास और ब्रांड की साख को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि इन दावों की पुष्टि विवेचना और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही संभव होगी।
कई कानूनी पहलुओं पर जांच जारी
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या मामले में केवल आर्थिक अपराध हुआ है या फिर बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property)अथवा अन्य व्यावसायिक कानूनों का भी उल्लंघन हुआ है। यदि जांच के दौरान अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
पुलिस का पक्ष
जांच अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सभी पक्षों के बयान, दस्तावेज और तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा। विवेचना पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
क्या है मामला?
कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
पूर्व कर्मचारियों जसप्रीत पुरी , भरत कुमार जैन, वैभव सचदेवा, तरणजीत पुरी, पर गोपनीय व्यावसायिक जानकारी के कथित दुरुपयोग का आरोप।
कई जिलों में व्यापारिक गतिविधियां संचालित करने का दावा।
पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर जांच और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
इलेक्ट्रॉनिक एवं दस्तावेजी रिकॉर्ड की जांच जारी।
