7वें वेतनमान की मांग: जल निगम पेंशनरों ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से लगाई गुहार

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एमजी न्यूज़ समाचार : लखनऊ : स्वायत्त शासन अभियंत्रण विभाग (एलएसजीडी) से उत्तर प्रदेश जल निगम में समाहित पेंशनरों की वर्षों पुरानी सातवें वेतनमान की मांग एक बार फिर प्रमुखता से उठी है। स्वायत्त शासन अभियंत्रण विभाग/उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय एवं ग्रामीण) पेंशनर्स एसोसिएशन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र भेजकर लगभग 3700 पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों को सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने के लिए हस्तक्षेप की मांग की है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष अवध बिहारी मिश्र द्वारा 5 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 जनवरी 2016 से सातवें वेतनमान का लाभ देने का शासनादेश जारी किया था, लेकिन बाद में इस पर रोक लगा दी गई। इसके कारण हजारों पेंशनर वर्षों से अपने वैधानिक अधिकार से वंचित हैं।

पत्र के अनुसार, एलएसजीडी में नियुक्त कर्मचारी वर्ष 1975 में जल निगम के गठन के बाद उसमें समाहित किए गए थे। सेवा के दौरान उन्हें राज्य सरकार के पेंशनरों के समान सुविधाएं और वेतनमान दिए जाते रहे तथा छठे वेतनमान का लाभ भी प्राप्त हुआ। इसी आधार पर सातवें वेतनमान का लाभ भी मिलने की अपेक्षा थी, किंतु अब तक इसका भुगतान नहीं हो सका।

एसोसिएशन का कहना है कि वर्तमान में अधिकांश प्रभावित पेंशनरों की आयु 75 से 90 वर्ष के बीच है। कई पेंशनरों का निधन हो चुका है और लगभग 800 पारिवारिक पेंशनभोगी भी इस निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। संगठन का आरोप है कि पिछले लगभग 10 वर्षों से लंबित इस मामले के कारण वृद्ध पेंशनरों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2022 में जल निगम के शहरी एवं ग्रामीण इकाइयों में विभाजन के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। एसोसिएशन का कहना है कि शासन स्तर पर कई बार प्रतिनिधित्व करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

पेंशनर्स एसोसिएशन ने रक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि वे राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर इस मामले का शीघ्र समाधान कराएं, ताकि पात्र पेंशनरों को 1 जनवरी 2016 से देय सातवें वेतनमान के एरियर एवं संशोधित पेंशन का लाभ मिल सके।

एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि अन्य राज्य सरकार के पेंशनरों की तरह उन्हें भी राजकोष के माध्यम से नियमित रूप से पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

 

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